अंजवेदा विकास संस्थान का एग्रीकल्चर एंड फार्मर्स वेलफेयर डिवीजन एक समग्र किसान कल्याण और ग्रामीण विकास आधारित परियोजना है, जिसका उद्देश्य देश के किसानों को संगठित कर उन्हें कृषि से संबंधित सभी आवश्यक सुविधाएँ एक ही संस्थान के माध्यम से उपलब्ध कराना है। इस परियोजना के अंतर्गत गाँव स्तर पर किसानों को समूह के रूप में संगठित किया जाएगा और किसान समितियाँ (Farmer Societies) बनाई जाएँगी। इन समितियों के माध्यम से किसानों को कृषि में उपयोग होने वाली मशीनें, बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी ताकि किसान सामूहिक रूप से इन संसाधनों का उपयोग कर सकें और खेती की लागत कम करते हुए उत्पादन और आय में वृद्धि कर सकें।

इस परियोजना का मुख्य आधार किसान समिति प्रणाली है, जिसमें लगभग बीस या उससे अधिक किसानों को जोड़कर एक समिति बनाई जाएगी। संस्थान द्वारा दी जाने वाली मशीनें, बीज, खाद और अन्य संसाधन किसी एक किसान को व्यक्तिगत रूप से नहीं दिए जाएंगे, बल्कि पूरी किसान समिति को दिए जाएंगे ताकि सभी सदस्य किसान मिलकर उनका उपयोग कर सकें। इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, किसानों के बीच सहयोग की भावना बढ़ेगी और छोटे तथा सीमांत किसानों को भी आधुनिक कृषि संसाधनों का लाभ मिल सकेगा।

अंजवेदा विकास संस्थान इस परियोजना के अंतर्गत अपने स्तर पर ही किसानों के लिए ऋण सहायता, फसल बीमा, सब्सिडी सहायता, कृषि प्रशिक्षण, किसानों के बच्चों की शिक्षा सहायता, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार सहायता जैसे कार्यक्रम भी संचालित करेगा। इस परियोजना का उद्देश्य केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों और उनके परिवारों के सामाजिक और आर्थिक विकास को सुनिश्चित करना भी है। संस्थान किसानों को नई कृषि तकनीकों, आधुनिक खेती के तरीकों, जल संरक्षण, जैविक खेती और सहायक व्यवसाय जैसे डेयरी, पोल्ट्री, मत्स्य पालन आदि के लिए भी प्रोत्साहित करेगा।

परियोजना के सफल संचालन के लिए राज्य स्तर से लेकर गाँव स्तर तक एक संगठित प्रशासनिक ढांचा बनाया जाएगा, जिसमें विभिन्न स्तरों के अधिकारी कार्य करेंगे। गाँव स्तर पर किसान कल्याण अधिकारी किसानों से सीधे संपर्क में रहेंगे, सर्वे करेंगे, किसान समितियाँ बनाएंगे, बैठकों का आयोजन करेंगे और संस्थान की योजनाओं को लागू करवाएंगे। इनके ऊपर ब्लॉक, जिला, जोन और राज्य स्तर के अधिकारी परियोजना की निगरानी, योजना निर्माण, संसाधन प्रबंधन और विस्तार कार्य करेंगे। इस पूरी व्यवस्था के माध्यम से परियोजना का संचालन व्यवस्थित रूप से किया जाएगा।

इस परियोजना के अंतर्गत समय-समय पर गाँवों और किसानों से संबंधित विभिन्न प्रकार के सर्वे भी किए जाएंगे, जैसे किसान सर्वे, फसल सर्वे, भूमि सर्वे, मशीनरी आवश्यकता सर्वे, शिक्षा सर्वे और रोजगार सर्वे आदि। इन सर्वे के माध्यम से किसानों और गाँवों की वास्तविक आवश्यकताओं को समझा जाएगा और उसी के अनुसार योजनाएँ बनाई और लागू की जाएँगी। इससे परियोजना को वास्तविक जरूरतों के अनुसार संचालित करने में सहायता मिलेगी।

अंजवेदा विकास संस्थान की यह परियोजना एक दीर्घकालीन ग्रामीण विकास और किसान सशक्तिकरण मॉडल है, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, खेती की लागत कम करना, किसानों को संगठित करना, गाँवों में रोजगार के अवसर बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाना है। इस परियोजना के माध्यम से भविष्य में किसान समितियों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जो कृषि विकास, ग्रामीण विकास और किसान कल्याण के क्षेत्र में एक मजबूत और स्थायी मॉडल के रूप में कार्य करेगा।